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भारत केँ जानू

एक देश, ओकरा हेबाक हजार ढंग

एतेक रास भाषा, एतेक रास परब, एतेक रास रसोई आ गीत - आ तैयो, कोनो तरहेँ, एकहि देश ई सभकेँ समेटने अछि। यएह ओ साझा घर छी जकरा लेल अहाँक नागरिक बोध अछि। एतय थोड़ेक ओ अछि जकर देखभाल हम सभ मिलिकय करैत छी।

सभक लेल। कोनो खाता नहि, अहाँक बारेमे किछु नहि जमा कएल जाइत अछि।

भिन्नता सँ बन्हल

भारत एके समान बनाओल एकटा जन नहि छी। ई त अनेक लोक छथि जे एकहि देश केँ मिलिकय बाँटैत छथि - आ ई भिन्नता कोनो सुधारबाक खोट नहि, यएह त पूरा विचार छी।

संविधान हर नागरिक सँ ई अपेक्षा करैत अछि:

to promote harmony and the spirit of common brotherhood amongst all the people of India transcending religious, linguistic and regional or sectional diversities.”

सैकड़ों भाषामे बजनिहार धरती

एकटा जिलाक सीमा पार करू आ दोकानक फलक पर लिखल लिपिये बदलि जाइत अछि। एहिमे सँ कोनो एक भारतक एकमात्र सच्ची भाषा नहि छी। मुदा एहिमे सँ हरेक एकटा ओ छी।

22 भाषा संविधानमे लिखल अछि। पछिला जनगणनामे कुल 121 भाषा गानल गेल।

स्रोत: Languages of India (Wikipedia), Census of India 2011

अजगुत, जकर रक्षा लेल पूरा दुनिया राजी भेल

एकटा संगमरमरक मकबरा, चट्टान काटि बनाओल गुफा, पहाड़ी रेल, बाघ सँ भरल मैंग्रोव वन - एहन अनुपम ठाम जे दुनिया एकरा टिकाकय राखबामे मदति करबाक वचन देलक।

भारतक 44 ठाम यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल छी।

स्रोत: UNESCO World Heritage Centre

एहन विरासत जकरा संग्रहालयमे नहि राखल जा सकैत अछि

चटाई पर योग, एक एहन परब जे पूरा शहरकेँ भरि दैत अछि, हाथ सँ हाथ जाइत एकटा कारीगरी - एहन परम्परा जे करबा सँ जीबित रहैत अछि, राखि देला सँ नहि।

भारतक 16 जीबित परम्परा यूनेस्कोक धरोहर सूचीमे अछि।

स्रोत: UNESCO Intangible Cultural Heritage

देह सँ कथा कहबाक अनेक ढंग

भरतनाट्यम सँ सत्रिया धरि, हरेक शास्त्रीय नृत्य देशक अलग-अलग कोनमे पनपल, आ हरेक आइयो एको शब्द बजने बिना अपन क्षेत्रक कथा कहैत अछि।

संगीत नाटक अकादमी 8 शास्त्रीय नृत्य परम्पराकेँ मान्यता देने अछि।

स्रोत: Indian classical dance (Wikipedia), Sangeet Natak Akademi

हिम तेंदुआ सँ लय मैंग्रोवक बाघ धरि

हिमालय सँ मरुभूमि, मूँगाक समुद्रतट सँ वर्षावन धरि - एकटा देश जे धरतीक वन्य जीवनक चौंका देनिहार हिस्सा समेटने अछि।

दुनियाक जंगली बाघमे सँ 70% सँ बेसी भारतमे रहैत अछि।

स्रोत: NTCA, Status of Tigers in India 2022

एहन पात्रा जे कहियो नहि थमैत अछि

मन्दिरक घण्टी, अजानक स्वर, गिरजाघरक भजनमण्डली, गुरुद्वाराक लंगर - अकसर एकहि गली मे, अकसर एकहि सप्ताह मे। लगेमे केओ ने केओ सदिखन किछु ने किछु मनबैत रहैत अछि।

हर किछु सय किलोमीटर पर एकटा नव रसोई

वएह एकटा अन्न सय तरहक अलग-अलग भोजन बनि जाइत अछि। हरेक क्षेत्र अहाँकेँ अपन ढंग सँ खुआबैत अछि - आ हरेक क्षेत्रकेँ चुपचाप ई विश्वास रहैत छैक जे ओकरे ढंग सभसँ नीक अछि।

आ ई रहल ओ हिस्सा जे अहाँक अछि

यएह ओ अछि जकर रक्षा छोट-छोट बात करैत अछि

संविधान हर नागरिक सँ ई अपेक्षा करैत अछि:

to value and preserve the rich heritage of our composite culture.”

कोनो पैघ देखावा सँ नहि, बल्कि ओ रैपर सँ जकरा अहाँ कूड़ादानी धरि लय जाइत छी, ओ हॉर्न सँ जकरा अहाँ बेकार नहि बजाबैत छी, ओ जगह सँ जे अहाँ कोनो अनचिन्हार लेल बनबैत छी। एतेक विविधता वला देश तखने एक ठाम बन्हल रहैत अछि जँ हम सभ अपन-अपन छोट कोनकेँ दयालु बनाकय रखैत छी।