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हमरा चारूकात के लोक

बराबरी, अधिकारसँ। एहसानसँ नै।

हर लिंगक लोककेँ एकहि बेर, एकहि आवाज, आ मेजपर एकहि कुर्सी दिअ। बराबरी केकरो देल एहसान नै अछि - संविधान पहिनहिसँ एकरा अधिकार कहैत अछि।

ई रहल विज्ञान
  1. की होइत अछिकेकरो हुनक लिंगक कारणे नीच मानब
  2. कोनाभारतक संविधान (Constitution of India) राज्यकेँ केवल लिंगक आधारपर, आन आधार सभक संग, कोनो नागरिकक संग भेदभाव करबासँ रोकैत अछि
  3. तेँलिंगक बिना विचारल बराबरीक बरताव एक संवैधानिक गारंटी अछि, केओ देत वा रोकत एहन एहसान नै
सरकारी गिनती - सरकारी अभिलेखIN
The State shall not discriminate against any citizen on grounds only of religion, race, caste, sex, place of birth or any of them.

ई अनुच्छेद 15 (Article 15), खंड (1) केर शब्दशः पाठ अछि; ई राज्यकेँ बाध्य करैत अछि आ संवैधानिक अधिकारक बात कहैत अछि, कोनो मापल गेल परिणामक नै।

स्रोत: Constitution of India, Article 15 - Constitution of India (text hosted by constitutionofindia.net / Centre for Law & Policy Research)(जाँचल 2026-07-18)

आ जखन हम ई करैत छी

जखन कोनो कोठली, कार्यस्थल वा घर हर लिंगकेँ बराबर मानैत अछि, तखन ओ केवल आधाक बदला सभक प्रतिभाक उपयोग करैत अछि।

अहाँ नहि जनैत छलहुँ। आब जनैत छी।

जानकारी, कहियो फैसला नहि। हर तथ्यक संग ओकर स्रोत आ ओकरा हम जाँचबाक तिथि रहैत अछि।