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हमरा चारूकात के लोक

हर लिंग। एकहि सम्मान।

महिला, पुरुष आ ट्रांसजेंडर आ नॉन-बाइनरी लोक सभक संग रोजमर्राक एकहि सम्मानक बरताव करू - ओ जे नाम आ सर्वनाम अहाँकेँ बतबैत छथि ओकरे प्रयोग करू, आ केकरो कहियो नै मजाक उड़ाउ, नै घूरि-घूरि तकैत रहू, आ नै केकरो अलग-थलग करू।

ई रहल विज्ञान
  1. की होइत अछिकोनो ट्रांसजेंडर व्यक्तिकेँ कम आँकब
  2. कोनाभारतीय कानून ट्रांसजेंडर व्यक्ति सभकेँ कानूनी मान्यता दैत अछि आ कोनो व्यक्ति वा संस्थानकेँ शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा आ सार्वजनिक सेवा सभक पहुँचमे हुनका संग भेदभाव करबासँ रोकैत अछि
  3. तेँकोनो ट्रांसजेंडर व्यक्तिकेँ बराबरीक सम्मान वा पहुँचसँ वंचित करब गैरकानूनी अछि, ई व्यक्तिगत पसंदक बात नै अछि
सरकारी गिनती - सरकारी अभिलेखIN
No person or establishment shall discriminate against a transgender person on any of the following grounds

ई कानूनी अधिकारक बात कहैत अछि, कोनो मापल गेल परिणामक नै। 2019 केर अधिनियम (Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019) सर्वोच्च न्यायालयक NALSA v. Union of India (2014) फैसलाक बाद आयल, जे ट्रांसजेंडर लोककेँ तेसर लिंगक रूपमे मान्यता देलक।

स्रोत: The Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019, Section 3 (Prohibition against discrimination) - Parliament of India (statute text reproduced by Indian Kanoon)(जाँचल 2026-07-18)

आ जखन हम ई करैत छी

जतय हर लिंगक संग बराबरीक बरताव होइत अछि, ओ बस एहन जगह अछि जतय बेसी लोक बिना डरक रहि, सीखि, काज आ आवाजाही कऽ सकैत अछि।

अहाँ नहि जनैत छलहुँ। आब जनैत छी।

जानकारी, कहियो फैसला नहि। हर तथ्यक संग ओकर स्रोत आ ओकरा हम जाँचबाक तिथि रहैत अछि।