जे नहि बरति रहल छी से बन्न कऽ दिअ।
जाइ काल बत्ती, पंखा, स्क्रीन आ चार्जर बन्न कऽ दिअ - बिजली के सभ सँ सस्ता, सभ सँ साफ यूनिट सएह अछि जकरा केकरो बनाबे नहि पड़ल।
ई रहल विज्ञान
- की होइत अछिजखन ककरो जरूरत नहि तखनहु बत्ती आ उपकरण चालू छोड़ब
- कोनाबेकार चलैत यंत्र तखनहु बिजली खींचैत अछि, आ ग्रिड के जे माँग बनाबए पड़ैत अछि तकरा बढ़ा दैत अछि
- तेँबरबाद बिजली आ बेसी बिल - जे बन्न करबा के सरल आदति सँ टारल जा सकैत अछि
ई कोना काज करैत अछि - एकर आकार एतय नहि मापल गेलGLOBAL
“The simplest and easiest way to save energy is to turn lights off when you leave a room.”
स्रोत: Energy efficiency and demand - International Energy Agency (IEA)(जाँचल 2026-07-18)
- की होइत अछिजतेक साँचे मे चाही तकरा सँ बेसी बिजली के माँग
- कोनाभारत के बेसी बिजली अखनहु कोयला जरेबा सँ अबैत अछि, तेँ बेसी माँग अधिकांश बेसी कोयला बिजलीघर चला के पूरा होइत अछि - जे CO2 छोड़ैत आ ठंढाइ बला पानि पीबैत अछि
- तेँटारल जा सकऽ बला कोयला जरनाइ; बचल हर यूनिट उत्सर्जन आ पानि के बरतब घटबैत अछि
ई कोना काज करैत अछि - एकर आकार एतय नहि मापल गेलIN
“Coal power generation – which makes up nearly three-quarters of coal demand in India – grew by 5% in 2024 mirroring growth in electricity demand.”
IEA नोट करैत अछि जे कोयला भारत के कोयला माँग के लगभग तीन-चौथाई अछि आ बिजली माँग संग बढ़ल; एतय एकरा एकटा प्रक्रिया मानल गेल, कोनो सटीक उत्पादन हिस्सा नहि।
स्रोत: Global Energy Review 2025 - Coal - International Energy Agency (IEA)(जाँचल 2026-07-18)
आ जखन हम ई करैत छी
जे बेकार चलैत अछि से बन्न करू आ कुल माँग घटैत अछि, तेँ कम कोयला यूनिट चलैत अछि - कम CO2, कम ठंढाइ बला पानि जरैत अछि, आ छोट बिल।
अहाँ नहि जनैत छलहुँ। आब जनैत छी।